बंद को लेकर व्यापारियों में दो फाड़, चेंबर चुनाव से पहले की झलक होगी बंद की सफलता या असफलता..
रायपुर
कल के बंद को लेकर व्यापारियों में दो फाड़ हो गया है। एक ओर कैट ने जीएसटी में विसंगतियों को लेकर भारत बंद के साथ पूरे छत्तीसगढ़ में कारोबार बंद रखने की अपील कारोबारियों से करते हुए यह भी बताया है कि किनका उन्हे समर्थन हैं। तमाम व्यापारियों संगठनों के नाम उन्होने जाहिर किए हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स ने बंद को अपना समर्थन नहीं दिया है। इसका कारण बताते हुए अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा ने कहा है कि केन्द्रीय मंत्री को चेंबर ने जो भी सुझाव जीएसटी को लेकर दिए थे सभी को मान लिया गया है इसलिए बंद को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता। व्यापारी अपनी दुकानें स्वतंत्र होकर खोल सकते हैं कोई दबाव नहीं हैं। वहीं कैट के अध्यक्ष अमर पारवानी का कहना है कि जीएसटी में क्या खामी है और क्या सरकार ने माना है व्यापारी जानते हैं इसलिए कल का बंद सफल होना तय है।
इस बंद के बीच एक बड़ा फैक्टर यह आ रहा है कि आगे चेंबर का चुनाव है,बंद की सफलता या असफलता से यह भी अघोषित रूप से जाहिर हो जायेगा कि व्यापारी किनके साथ हैं? इसलिए दोनों ही धड़ा कल के बंद को शक्ति परीक्षण के तौर पर देख रहे हैं। इधर पुलिस व जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि जबरिया बंद कराने का किसी ने प्रयास किया तो पुलिस कार्रवाई करेगी। चूंकि कोरोनाकाल के चलते कोविड के नियम लागू हैं शांति भंग करने या तनाव की स्थिति पैदा हुई तो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। बहरहाल व्यापारी असमंजस की स्थिति में फंस गए हैं। यहां बताना जरूरी होगा कि चेंबर चुनाव में दो पैनल हैं जिसमें योगेश अग्रवाल पैनल के प्रमुख रणनीतिकार श्रींचंद सुंदरानी व टीम ने बंद को समर्थन नहीं दिया हैं,वहीं अमर पारवानी व कैट की पूरी टीम बंद कराने ताकत झोंक रहे हैं।

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